विलोम शब्द किसे कहते है – परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण

विलोम शब्द का अर्थ – जब कोई एक शब्द किसी दूसरे शब्द का उल्टा या विपरीत अर्थ व्यक्त करे तो उसे विलोम शब्द कहा जाता है। 

साधारण शब्दों में कहें तो जिन शब्दों से किसी दूसरे शब्द का उल्टा शब्द बनें उन्हें विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द कहते है। जैसे – रात का विलोम शब्द या विपरीतार्थक दिन है, उसी प्रकार – नर-नारी, गाय-बैल, अंधकार-प्रकाश, इच्छा-अनिच्छा आदि। 

 उपर्युक्त उदाहरणों के आधार पर हम यह कह सकते है कि जब कोई शब्द सामने वाले शब्द का उल्टा या विपरीत अर्थ निकले तो उसे विलोम शब्द कहा जाता है। अत: विलोम शब्द का  अर्थ है – उल्टा या विपरीत। 

विलोम शब्दों का निर्माण निम्न्लिखित विधिओं के द्वारा किया जाता है –

(1) लिंग परिवर्तन के द्वारा बनने वाले विलोम शब्द –

(2) विभिन्न जातीय शब्दों के अनुसार बनने वाले विलोम शब्द –

(3) उपसर्ग की सहायता से बनने वाले विलोम शब्द – 

(4) उपसर्गों के जैसे प्रयुक्त होने वाले शब्दों के परिवर्तन से बनने वाले विलोम शब्द –

(5) नज समास के पद बनाकर से बनने वाले विलोम शब्द – 

(1) लिंग परिवर्तन के द्वारा बनने वाले विलोम शब्द – किसी लिंग से संबंधित ऐसे शब्द जो किसी ऐसे शब्द का निर्माण करे जो उस लिंग से संबंधित शब्द का विपरीतार्थक शब्द हो अर्थात उस लिंग का परिवर्तन कर दे तो उन शब्दों को लिंग परिवर्तन के द्वारा बनने वाले विलोम शब्द कहा जाता है। 

लिंग परिवर्तन के द्वारा बनने वाले विलोम शब्दों के उदाहरण – गये-बैल, माता-पिता, मोर-मोरनी, शेर-शेरनी, राजा-रानी, लड़का-लड़की, पिशाच-पिशाचनी, कुत्ता-कुतिया, अध्यापक-अध्यापिका, दादा-दादी, चाचा-चाची, नर-नारी, वर-वधु आदि। 

उपयुक्त विलोम शब्दों के उदाहरणों में पहले परुष लिंग शब्द है उसके पश्चात स्त्री लिंग है, लिंग परिवर्तन के अनुसार इसी तरह के विलोम शब्दों का निर्माण होता है। 

(2) विभिन्न जातीय शब्दों के अनुसार बनने वाले विलोम शब्द – जब जातीय शब्दों के आधार पर विलोम शब्दों क निर्माण होता है तो उन्हें विभिन्न जातीय शब्दों के अनुसार बनने वाले विलोम शब्द कहा जाता है जैसे – अधिक-कम, आजाद-गुलाम, ऊपर-निचे, आगे-पीछे, कड़वा-मीठा, मीठा-नमकीन आदि। 

(3) उपसर्ग की सहायता से बनने वाले विलोम शब्द – जब उपसर्गों की सहायता से विलोम शब्दों का निर्माण होता है तो उन विलोम शब्दों को उपसर्ग की सहायता से बनने वाले विलोम शब्द कहा जाता है। 

उपसर्ग की सहायता से बनने वाले विलोम शब्दों के उदहारण – अलपवायु-दीर्घवायु, ईश्वर-अनीश्वर, अधिकतम-न्यूनतम आदि। 

(4) उपसर्गों के जैसे प्रयुक्त होने वाले शब्दों के परिवर्तन से बनने वाले विलोम शब्द – जब उपसर्गो के जैसे शब्दों की सहायता से विलोम शब्दों का निर्माण होता है और उसके पश्चात भी वह विलोम शब्द उपसर्गों की तरह ही प्रयुक्त किये जाते है तो उन वलोम शब्दों को उपसर्गों के जैसे प्रयुक्त होने वाले विलोम शब्द कहा जाता है।  

उपसर्गों के जैसे प्रयुक्त होने वाले शब्दों के परिवर्तन से बनने वाले विलोम शब्दों का उदाहरण – गणतंत्र-राजतंत्र, एकतंत्र-बहुतंत्र, लघुकाय-विशालकाय आदि। 

(5) नज समास के पद बनाकर से बनने वाले विलोम शब्द – जिन विलोम शब्दों का निर्माण नज समास के पद से बनकर होता है वह नज समास के पद बनाकर से बनने वाले विलोम शब्द कहलाते है जैसे – आदि-अनादि, आस्तिक नास्तिक, संभव-असंभव आदि। 

उपयुक्त दी गई इन 5 विधिओं के अनुसार ही विलोम शब्दों  का निर्माण होता है और विलोम शब्दों का प्रयोग किया जाता है, किस वाक्य में किस विधि का प्रयोग होगा यह बात उस वाक्य के लिंग, समास, उपसर्ग तथा उसके जातीय शब्दों पर निर्भर करती है। 

विलोम शब्दों के उदाहरण – 

  • मूक – वाचाल
  • मानक – अमानक
  • मानव – दानव
  • मान – अपमान
  • मलिन – निर्मल
  • मनुज – दनुज
  • महात्मा – दुरात्मा
  • मित्र – शत्रु
  • मिलन – विरह
  • दृश्य – अदृश्य
  • देय-अदेय
  • सत्य – असत्य
  • राजा – रानी
  • अति – अल्प
  • ज्ञान – अज्ञान
  • ज्ञानी – अज्ञानी
  • श्रम – सरल
  • श्रद्धा – अश्रद्धा
  • श्रृंखला – विश्रृंखला
  • श्रांत – अश्रांत
  • श्रीगणेश – इति
  • स्त्री – पुरुष
  • अनंत – अंत
  • गुप्त – प्रकट
  • सुगन्ध – दुर्गन्ध
  • क्रय – विक्रय
  • ठोस – तरल
  • दिवा – रात्रि
  • तुच्छ – महान
  • धूप – छाह
  • उतार – चढ़ाव
  • चाह – अनचाह
  • गत – आगत
  • लाभ – हानि
  • गहरा – विशाल
  • खरा – खोटा
  • खुला – बन्द
  • हसना – रोना
  • कल – आज
  • क्रम – व्यक्तिक्रम
  • कनीय – वरीय
  • कार्य – अकार्य
  • कठिन – सरल
  • क्रूर – अक्रूर
  • कुकृति – सुकृत्य
  • कलुष – निष्कलुष
  • कुख्यात – विख्यात
  • कपूत – सपूत
  • कृष्ण – शुक्ल
  • कुसुम – वज्र
  • कलंक – निष्कलंक
  • जंगम – स्थावर
  • जटिल -सरस
  • जय – पराजय
  • जन्म – मृत्यु
  • ज्येष्ठ – कनिष्ठ
  • जागरण – निद्रा
  • ज्योति – तम
  • जल – स्थल
  • जीवित – मृत
  • जातीय – विजातीय
  • ज्वार – भाटा
  • जल्द – देर
  • ज्योतिर्मय – तमोमय
  • जागृति – सुषुप्ति
  • जोड़ – घटाव
  • जेय – अजेय
  • राक्षस – राक्षसनी 
  • ऊँट – ऊंटनी 
  • विधवा – सधवा
  • विजय – पराजय
  • वसंत – पतझर
  • विरोध – समर्थन
  • विषम – सम
  • विद्वान – मूर्ख
  • विवाद – निर्विवाद
  • विशिष्ट – साधारण
  • विस्तृत – संक्षिप्त
  • विशेष – सामान्य
  • बहिष्कार – स्वीकार
  • वृद्धि – ह्रास
  • विमुख – सम्मुख
  • वैतनिक – अवैतनिक
  • विशालकाय – क्षीणकाय
  • वीर – कायर
  • वृहत – लघु
  • एड़ी चोटी
  • अमावस्या – पूर्णिमा
  • अग्रज – अनुज
  • अनुलोम – विलोम
  • उत्तर – दक्षिण
  • उसर – उपजाऊ
  • उन्मुख – विमुख
  • एकतंत्र – बहुतंत्र
  • ईमानदार – बेईमान
  • दूर – नजदीक
  • दुर्गन्ध – सुगंध
  • दुःख – सुख
  • दुरुपयोग – सदुपयोग
  • दुर्जन – सज्जन
  • दूध – दही
  • दोष – गुण
  • दुःशील – सुशिल
  • मुख्य – गौण
  • मुनाफा – नुकसान
  • मेहनती – आलसी
  • मरण – जीवन
  • यश – अपयश
  • सफल – असफल
  • आस्था – अनास्था
  • उषा – संध्या
  • अगला – पिछला
  • अस्त – उदय
  • मोक्ष – बंधन
  • आलस्य – स्फूर्ति
  • अर्थ – अनर्थ
  • अपेक्षा – नगद
  • अतिवृष्टि – अनावृष्टि
  • आदर्श – यथार्थ
  • आय – व्यय
  • आहार – निराहार
  • आविर्भाव – तिरोभाव
  • आमिष – निरामिष
  • अभिज्ञ – अनभिज्ञ
  • आजादी – गुलामी
  • अनुकूल – प्रतिकूल
  • आर्द्र – शुष्क
  • अल्प – अधिक
  • उत्साह – अनुत्साह
  • सोत्साह – निरुत्साह
  • अग्रिम – अन्तिम
  • अचल – चल
  • अजल – निर्जल
  • वृष्टि – अनावृष्टि
  • अनैतिहासिक – ऐतिहासिक
  • अपचार – उपचार
  • अवरोह – आरोह
  • अनुत्तीर्ण – उत्तीर्ण
  • रात – दिन
  • अमृत – विष
  • अथ – इति
  • अन्धकार – प्रकाश
  • अल्पायु -दीर्घायु
  • इच्छा -अनिच्छ।
  • उत्कर्ष – अपकर्ष
  • अनुराग -विराग
  • आदि – अंत
  • आगामी – गत
  • उत्थान – पतन
  • आग्रह – दुराग्रह
  • अच्छाई – बुराई
  • नेकी – बदी
  • सजीव – निर्जीव
  • नर – मादा
  • नगर – ग्राम
  • धनी – निर्धन
  • सबाध  —-निर्बाध
  • स्वार्थ —निः स्वार्थ, परमार्थ
  • सत्कार—– तिरस्कार
  • सामान्य— विशिष्ट
  • स्तुत्य — निंद्य
  • सुकाल— अकाल, दुष्काल
  • शकुन  —अपशकुन
  • शीत    —उष्ण
  • शुक्ल   —कृष्ण
  • श्वेत    —श्याम
  • शासक —शासित
  • शयन —जागरण
  • शृंखला —विशृंखला
  • सदय — निर्दय
  • सुलभ —दुर्लभ
  • स्वप्न —जागरण
  • संकोच —-असंकोच, प्रसार
  • सभ्य —असभ्य, बर्बर
  • सुदूर —-सन्निकट, अदूर
  • सभय —निर्भय, अभय
  • सापेक्ष —-निरपेक्ष
  • सक्षम —-अक्षम
  • सादर  — निरादर
  • सलज्ज— निर्लज्ज

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